• Lalita Tripathi

ये पाँच फ़ूड मिथ - जो आप ज़रूर जानना चाहेंगे

क्या आप भी उनमें से हैं जो अक्सर ये सोच कर परेशान हो जाते हैं क्या खाए क्या नहीं। अपने हेल्थ को लेकर इतने ज्यादा जागरुक रहते हैं कि हमेशा ही ये सर्च करते रहते हैं किस फूड को खाएं, कितना खांए और कब खाएं, अगर आप ऐसा करते हैं तो नई बात नही है। आप जैसे ना जाने कितने ही लोग होगें जो फूड मिथ्स को लेकर बेहद कन्फ्यूज रहते हैं और अब तो आलम ये हो गया है कि फूड को लेकर इतनी कन्फ्यूजन रहती है कि किस पर यकीन करें किस पर ना करें। खैर आपके इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हम आपके लिए लेकर आएं हैं ऐसे पांच फूड मिथ्स जो अक्सर आप फेस करते हैं लेकिन अब नहीं करेंगे क्योंकि ये है सटीक सोल्यूशन। हमें यकीन है कि ये जानकारी चेंज करेगी आपकी डेली इटिंग और फिजिकल एक्टिविटी हैबिट्स को ताकि आप अपने हेल्दी वेट को हमेशा मेंटेन रख सकें।



मिथ 1- वेट लॉस का सबसे बड़ा मिथ, अगर स्लिम होना हा तो आप अपने सारे फेवरेट फूड त्याग दें


फैक्ट -बिल्कुल भी नहीं। इसकी कोई ज़रुरत नहीं कि जब आप वेट लॉस करने जा रहे हो तो अपने सारी फेवरेट चीजें छोड़ दीजिए। बल्कि आप ऐसा करके भी फिट रह सकते हैं। अपनी फेवरेट हाई कैलोरी फूड्स को खाएं पर कम मात्रा में। बस आपको .याद रखना है कि आप टोटल कितनी कैलोरी ले रहे हो। इसे बर्न करना जरुरी होता है। इस तरह के खाने के बाद आपको कैलोरी बर्न करना चाहिए।


हेल्दी टिप्स - हाई कैलोरी फूड को अगर हम लिमिट में खाएं तो हम वेट लूज कर सकते हैं। बस आपको इसके लिए करना ये है कि आपको ये पता होना चाहिए आपकी एज क्या है और आपकी फिजिकल एक्टिविटी कितनी है। ये ध्यान रखे की खाना खाने के बाद वाक जरुर करे, इससे आपकी पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहेगी और मोटापा भी कंट्रोल होगा|


मिथ 2- वेट लॉस के लिए ब्रेड, पास्ता और राइस ये सब छोड़िए


फैक्ट -ग्रेन्स यानी अनाज जरुरी नहीं कि ये अनहेल्दी होते हैं बल्कि ये तो आपको फिलिंग के लिए अच्छे होते हैं। ये आपको बार बार भूख नही लगने देते। यहां तक की अमेरिकन डायट्री गाइडाइलंस में ग्रेन्स को शामिल करने की सलाह दी गई है इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि ये आपकी हेल्दी इटिंग का हिस्सा हैं। कम से कम आधा ऐसे अनाज आपके होल ग्रेंस में शामिल करने चाहिए, जैसे होल ग्रेन्स के साथ साथ ब्राउन राइस, वीट ब्रेड सीरियल्स और पास्ता। होल ग्रेन्स फाइबर आयरन के अलावा और भी कई न्यूट्रियंस के बेहतरीन श्रोत है।


हेल्दी टिप्स - आप व्हाइट ब्रेड को व्हीट ब्रेड के साथ और रिफाइंड पास्ता को होल वीट पास्ता के साथ रिप्लेस कर सकते हैं। और आप चाहें तो इसमें होल ग्रेंस मिक्स करके इसे हेल्दी बना सकते हैं। ठीक वैसे ही व्हाइट राइस की जगह आप ब्राउन राइस को उबाल कर और स्टर फ्राई करके भी खा सकते हैं।


मिथ 3 - ग्लूटन फ्री खाने को तरज़ीह देना ज्यादा हेल्दी


फैक्ट- सबसे पहली बात अगर आपको लगता है कि ग्लूटन फ्री प्रोडक्ट्स से आप फिट रहते हैं तो ये बिल्कुल मिथ है। अगर आपको सीलिएक रोग नहीं है या ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील नहीं हैं, तो ग्लूटेन फ्री फूड्स आपके हेल्थ के लिए ठीक नहीं। ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ और राई के दानों में पाया जाता है। हेल्थ प्रोफेशनल्स भी उन्हे ही ग्लूटन फ्री खाने को कहते हैं जिन्हे सीलिएक रोग या ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील हैं। अगर आपको ये स्वास्थ्य समस्याएं नहीं हैं तो अगर आपने ग्लूटेन फ्री प्रोडक्ट नहीं इस्तेमाल किया तो हो सकता है कि आपको आवश्यक विटामिन, फाइबर और मिनरल्स न मिलें। आपको बिल्कुल इस बात को समझना होगा कि ग्लूटन फ्री डाइट वजन घटाने वाला डाइट नहीं है।


हेल्दी टिप्स - अगर आपको लगता है कि जो गेहूं, जौ और राई को आपको खाने मे कोई समस्या होती है तो आपको इस तरह के फूड अवॉयड करना है तो एक बार किसी चिकित्सक की राय राय जरुर लें।


मिथ 4 - वजन घटाने के लिए सारे फैट्स को अवॉयड करें


फैक्ट- वजन घटाने के लिए आपको सारे फैट्स को अवॉयड करने की बिल्कुल भी जरुरत नहीं। फैट जरुरी न्यूट्रिएंस होते हैं और ये हमारे डेली खाने में जरुर होने चाहिए। अब चूंकि फैट्स में प्रोटीन या कार्बोहाइड्रेट, या "कार्ब्स" की तुलना में प्रति ग्राम अधिक कैलोरी होती है, इसलिए आपको अतिरिक्त कैलोरी से बचने के लिए फैट्स को सीमित करने की आवश्यकता होती है। अगर आप अपना वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो हेल्दी फैट वाले भोजन चुने, जैसे कि एवोकाडो, जैतून या नट्स। आप फुल फैट मिल्क और चीज़ को लो फैट मिल्क और चीज़ से रिप्लेस करें।


हेल्दी टिप्स - अमेरिकन आहार दिशानिर्देश 2015-2020 सेचुरेटेड फैट्स से अपने दैनिक कैलोरी का 10 प्रतिशत से कम उपभोग करने की सलाह देते हैं। सॉलिड फैट्स वाले खाद्य पदार्थों को कम करने का प्रयास करें। खाना पकाने में मक्खन के बजाय जैतून के तेल का प्रयोग करें।


मिथ 5 - डेयरी प्रोडक्स काफी फैटी और अनहेल्दी होते हैं


फैक्ट -डेयरी प्रोडक्ट बेहद ज़रुरी है आपके डेली खाने में। उनमें प्रोटीन होता है जो आपके शरीर को मांसपेशियों के निर्माण और अंगों को अच्छी तरह से काम करने में मदद करता है, और साथ उसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है। अधिकांश डेयरी प्रो़डक्ट्स, जैसे दूध और कुछ योगर्ट्स में विटामिन डी एड किया जाता है साथ ही कैल्शियम भी क्योंकि कई अमेरिकियों को इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं मिलती है। फैट फ्री या लो फैट मिल्क से बने डेयरी उत्पादों में फुल फैट मिल्क से बने डेयरी उत्पादों की तुलना में कम कैलोरी होती है।


हेल्दी टिप्स - लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स वयस्कों के लिए दिन में 3 सर्विंग लेना चाहिए इनमें से मिल्क, मिल्क के प्रोडक्ट्स जैसे योगर्ट चीज, या फोर्टिफाइड सोया मिल्क। अगर आप लैक्टोज को पचा नहीं सकते हैं, तो डेयरी उत्पादों में पाई जाने वाली चीनी, फोर्टिफाइड सोया उत्पाद, लैक्टोज-मुक्त या कम-लैक्टोज डेयरी उत्पाद, या कैल्शियम और विटामिन डी वाले अन्य खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ चुने।

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